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मेरे विश्वविधालय

मेरे विश्वविधालय
Author: मैकिसम गोर्की
ISBN:
Edition: र्जुलाई 2010
Multiple Book Set: No

यह बात निर्विवाद रूप से सही है के लेखक बन ने से पहले जीवन के जितने अनुभव गोर्की को हुए , जैसी - जैसी परिस्तिथिओं में से उन्हें गुजरना पड़ा , स्वंयं जीवन के यथार्थ ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया उनके पहले या उनके बाद के भी शायद ही किसी लेखक ने इतना कुछ देखा या जाना , समझा - बूझा और व्यक्तिगत रूप से जिया होगा . उनके जीवन की कटु और मधुर अनुभूतियाँ कितनी विविध , व्यापक और समृद्ध रही होगी .

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